Monday, January 13, 2014

वाणी पुत्रो ( पत्रकार ) की शपथ .

हम ईश्वर को साक्षी मान कर कलम की सौगंध खाते है , हम हमेशा राष्ट्र धर्म निभाएँगे , देशहित हेतु प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका निभाएँगे ,और जिस दिन लाल किले के आँगन मे कोई भी दाग नही होगा , तब भारत मा के दामन मे या तो खुद बदचलन हवाओ का मुख मोड़ देंगे हम या खुद को वाणी पुत्र कहना छोड़ देंगे हम , और जिस दिन भी हिचकिचाएंगे सच लिखने से, तो उसी क्षण कागज फाड़ देंगे कलम को तोड़ देंगे हम |

हम शपथ लेते है हमेशा सच लिखेंगे , सच के सिवा कुछ ना लिखेंगे |

__________________________अर्पण जैन "अविचल"

1 comment: